मेरी गर्लफ्रेंड को मेरे प्रा’इवेट पा’र्ट के साथ खेलने में बहुत मजा आता है लेकिन


मेरी गर्लफ्रेंड को लिंग के साथ खेलने में बहुत मजा आता है। ऐसा वह काफी देर तक करती रहती है। मेरा लिंग पहले तो उत्‍तेजित होकर कठोर हो जाता है लेकिन सेक्‍स की नौबत आते आते शिथिल पड़ जाता है। 

जवाब -स्‍त्री पुरुषों में सेक्‍स आर्गन की बनावट भिन्‍न होने के कारण उनके प्रति असीम आकर्षण भी होता है। इसीलिए उसे छूने, चूमने और सहलाने की प्रवृत्ति होती है। इसीलिए कुछ लोगों को सेक्‍स से अधिक आनंद फोरप्‍ले में आता है। किंतु, सेक्‍स के दौरान साइकोलॉजिकल और वॉयोलॉजिकल प्रक्रियाओं का सही ज्ञान न होने से ऐसी दिक्‍कतें आती हैं। आपकी गर्लफ्रेंड को जिस बात में आनंद आता है, वह एक मनोवृत्ति है लेकिन शरीर के बॉयो-केमिकल रिएक्‍शन इससे भिन्‍न होते हैं। लिंग में उत्‍तेजना नसों में उत्‍तेजना के साथ आती है लेकिन बार बार छेड़ने से लिंग की उत्‍तेजना शांत होने लगती है। लिंग में उत्‍तेजना आते ही उसे योनि में प्रवेश कराना ज्‍यादा उचित होता है। यदि आपकी गर्लफ्रेंड की मनोवृत्ति उसे छूने, सहलाने में आनंद की है तो उसे यह आनंद लेने दीजिए। अपने आनंद के लिए आप यह कर सकते है कि जैसे ही लिंग कठोर हो जाए उसे लिंग में प्रवेश करा दें। फिर दोबारा उसे अपनी सेक्‍स पार्टनर यानी गर्लफ्रेंड के हवाले कर दें। उसके छूने से पुन: उत्‍तेजना आने पर फिर यही प्रक्रिया दोहरायें। इससे दोनों का आनंद दोगुना हो जाएगा और आपकी समस्‍या एक वरदान में बदल जाएगी। आपके सेक्‍स राउंड बढ़ जाएंगे।

-सेक्‍स के दौरान मेरा लिंग पत्‍नी की योनि में आसानी से प्रवेश कर जाता है जबकि मैंने सुना है कि लिंग प्रवेश के दौरान स्‍त्री को बहुत दर्द होता है और वह धीरे धीरे लिंग प्रवेश कराने के लिए कहती हैं। कहीं मेरा लिग पतला तो नहीं है।

-आपकी समस्‍या स्‍पष्‍ट नहीं है। या तो आपकी पत्‍नी का योनि द्वार काफी विस्‍तृत है या फिर आपका लिंग पतला है। बेहतर होगा कि आप दोनों चिकित्‍सक से मिलकर परामर्श लें। दोनों ही समस्‍याओं का कारगर इलाज होम्‍योपैथी में मौजूद है।

लगभग तीन वर्षों से मैं गर्दन की स्पोंडलाइटिस रोग से परेशान हूं। गर्दन से लेकर पीठ तक और दोनों भुजाओं में असहनीय दर्द रहता है । यह दर्द चलने-फिरने या हिलने-डुलने में बढ़ जाता है। प्यास ज़्यादा लगती है। गला सूखता है और काफी सुस्ती लगती है। परेशान हूं कृपया इलाज बतायें। 

-आज के जीवन में व्यायाम के प्रति अरुचि इस रोग का सबसे बड़ा कारण है। दर्द मुक्त जिंदगी जीने के लिए जीवन में व्यायाम का बड़ा महत्व है । Bryonia-30 दो-दो गोली दिन में तीन बार, Phytolacca Q. 10 बूंद करके तीन बार तीन महीने तक लें ।

– सेक्‍स पावर बढ़ाने के लिए एलौपैथ, आयुर्वेद और होम्‍योपै‍थ में से किस विधा की दवाएं ज्‍यादा कारगर हैं। 

-यह अकाट्य सत्‍य है कि सेक्‍स ही जीवन का आधार है। इसलिए हर चिकित्‍सा विधा में सेक्‍स समस्‍याओं पर निरंतर शोध होते रहते हैं। एलोपैथ में तुरंत सेक्‍स पॉवर बढ़ाने वाली दवाएं हैं जिससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहा जा सकता लेकिन इनमें साइड इफेक्‍ट से इन्‍कार नहीं किया जा सकता। आयुर्वेद में भी सेक्‍स पॉवर बढ़ाने वाली कई अचूक दवाएं हैं लेकिन इस विधा के अधिकृत जानकार कम और नीम-हकीम ज्‍यादा हैं जिससे अंतत: नुकसान ही होता है। होम्‍योपैथ में सेक्‍स पॉवर बढ़ाने वाली जो दवाएं हैं वह धीरे-धीरे असर करती हैं लेकिन जीवन को आनंदमय बनाती हैं। इसीलिए माना जाता है कि सेक्‍स समस्‍याओं का वास्‍तविक निदान केवल इसी विधा में है।

-काफी समय से मैं किसी न किसी बीमारी से परेशान रहती हूँ। नतीजन बार-बार दवाइयाँ लेनी पड़ती हैं। मुंह के अंदर अक्सर छाले निकल आते हैं। जिसमे काफी दर्द और खाने पीने में परेशानी होती है। कृपया इसके लिए कोई कारगर दवा बतायें। 

-कभी-कभी अंग्रेजी दवाइयों के दुष्प्रभाव की वजह से मुंह में छाले निकलते हैं । अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक इस्तेमाल करने से हमारी आतों में लाभप्रद किटाणुओं की संख्या घट जाती है । जिसके कारण मुंह में बार-बार छाले निकालने लगते है या फिर दांतों की गलत संरचना की वजह से भी मुंह में छाले होना आम बात है । अपने दांतों को चेक करायें Antibiotic का प्रयोग कम से कम करें । Mercsol-30 दो-दो गोली तीन बार Kali Mur 3x चार-चार गोली तीन बार कुछ दिनों तक लें ।

-कई वर्षों से एसिडिटी से पीड़ित हूं। जब भी खाना खाता हूँ गैस, मिचलाहट और एसिडिटी की शिकायत होने लगती है । पेट भी साफ नहीं होता। सिर में दर्द बना रहता है। दवा बतायें। 

-एसिडिटी एक उदर रोग है जो तेज मिर्च मसाले, चटपटे तले हुए खाध पदार्थों का सेवन लगातार करने या बेवक्त भोजन करने से होता है । ऐसी आदतों से बचें । Bismuth-30, Robinia- 30 दो-दो गोली तीन बार Mag Mur 3x चार-चार गोली तीन बार कुछ दिनों तक लगातार लें ।

-मेरे अंडकोष में सूजन रहती है, हालांकि कोई दर्द नहीं रहता। कहीं यह कोई रोग तो नहीं। क्‍या इसका कोई इलाज है। 

-अंडकोष में सूजन के कई कारण हो सकते हैं। यदि दर्द नहीं हो रहा तो इसका तात्‍पर्य यह है कि आपको यह समस्‍या काफी समय से है लेकिन आपने अभी तक इसे गंभीरता से नहीं लिया। आप किसी होम्‍योपैथ चिकित्‍सक से मिलकर परामर्श लें और वास्‍तविक समस्‍या का अनुसंधान करें। तभी इसका इलाज संभव है।

– मेरी उम्र 17 वर्ष है। अक्‍सर रात में मेरी योनि में चिलकन होती है और सुबह सोकर उठने पर गीलापन महसूस होता है। क्‍या करें। 

-इस उम्र में ऐसा होना स्‍वाभाविक है। आपको नाइट फाल होता है। इसे स्‍वप्‍नदोष भी कहते हैं। आम तौर पर माना जाता है कि स्‍वप्‍न दोष किशोरों को होने वाली समस्‍या है लेकिन किशोरियों को भी यह होता है। इससे परेशान होने की जरूरत नहीं। यदि यह ज्‍यादा होता है तो किसी चिकित्‍सक से परामर्श कर कुछ होम्‍योपैथिक दवाओं का सेवन करने से राहत मिलेगी।

-लगभग पाँच वर्षों से पेट में एसिड बनने से परेशान हूँ, जब भी कुछ खाता हूँ, एसिड बनने लगती है और सीने में जलन होती है । कुछ भी हजम नहीं होता। गैस बहुत बनती है। खाना पेट के अंदर सड़ता रहता है । पेट में दाहिने तरफ कभी-कभी तेज दर्द भी उठता है। चाय पीने की आदत ज्यादा है। मैं काफी गरीब हूँ तभी ठीक से इलाज नहीं करा पाता हूँ। कृपया अचूक दवा बतायें। 

– ज्यादा चाय पीने की आदत छोड़ दें । खाना समय से लें । खाली पेट बिलकुल न रहें। खाने में ताली चीजों से परहेज करें । Acetic Acid 30 दो-दो गोली तीन बार, Asafotida Q 10 बूंद करके चार बार कुछ दिनों तक लगातार लें आप ठीक हो जायेंगे ।

– लगभग चार महीने से यकृत के स्थान पर हमेशा दर्द बना रहता है। चलने-फिरने, उठने-बैठने से दर्द की तीव्रता बढ़ जाती है । दर्द यकृत के स्थान से शुरू होता है और स्तन के दाहिने तरफ और अन्य स्थानों पर भी फैलता है। कृपया उपचार बतायें। –

-इस तरह के दर्द का कारण गोलविलेडर में पथरी होने की संभावना को दर्शाता है । अपना अल्ट्रासाउण्ड जरूर करवा लें । फिलहाल आप Lycopodium-30 दो-दो गोली तीन बार लें । रिपोर्ट के बाद ही इलाज बताना सम्भव होगा ।

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